05 October 2013

बेशक हमारी माला छोटी है-पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते हे...

लोग मन्जिल को
मुश्किल समझते है,
हम मुश्किल को
मन्जिल समझते है,
बडा फरक है लोगो
मे ओर हम मै,
लोग जिन्दगी को
दोस्त ओर
हम दोस्त को
जिन्दगी समझते है.
आदते अलग हे हमारी
दुनिया वालो से,
कम दोस्त रखते हे मगर
लाजवाब रखते है-
क्योंकि बेशक
हमारी माला छोटी है-
पर फूल उसमे
सारे गुलाब रखते हे...
#शशिकुमार #आँसू
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